अध्याय 49

सांझ ढलते-ढलते कैटनिस यॉर्क विला पहुँची। डूबते सूरज की आख़िरी किरणें क्षितिज को हल्का-सा गरमाए हुए थीं, लेकिन हवा में ठंडक की हल्की चुभन थी।

वह गाड़ी से उतरी और एक पल को ठिठक गई—कुछ सेकंड तक असमंजस में खड़ी रही।

उसे नहीं पता था कि कोडी ने उसे क्यों बुलवाया है, लेकिन कैटनिस के दिल में एक डूबता-सा अ...

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